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जगतगुरु शंकराचार्य ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज की जन्म शताब्दी महोत्सव

परम पूज्य जगतगुरु शंकराचार्य महाराज 100 वर्ष पूर्ण हो गए हैं ऐसे महान संत के जन्म शताब्दी महोत्सव के रूप में उनके

नागपूर, दि.18 सप्टेंबर 2023:- श्री विभूषित जगतगुरु शंकराचार्य ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज की जन्म शताब्दी महोत्सव आज हरतालिका तीज के दिन मनाया जा रहा है परम पूज्य जगतगुरु शंकराचार्य महाराज 100 वर्ष पूर्ण हो गए हैं ऐसे महान संत के जन्म शताब्दी महोत्सव के रूप में उनके भारत अपितु विदेशों में अनेक शिष्यों के द्वारा बड़े ही हर्ष उल्लास से मनाया जा रहा है जिसका प्रतिनिधित्व एवं संरक्षक वर्तमान के शंकराचार्य अनंत श्री विभूषित परम आराध्य परम धर्माधीश 1008 उतरामनाए ज्योतिष पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरआनंद सरस्वती जी महाराज की सन्निधि मे नरसिंहपुर मंगलम के रूप में नरसिंहपुर के 1104 गांव में जबलपुर एवं सिवनी जिले के प्रत्येक गांव में छिंदवाड़ा जिले में एवं नर्मदा पुरम होशंगाबाद के प्रत्येक देवालयों में एवं नागपुर के विभिन्न स्थानों मे जहां पर पूज्य महाराज श्री के शिष्य मंडल विद्ईमान है उन सभी स्थानो पर पर धर्म ध्वज का रोहन कर एवं पूज्य महाराज श्री के तेल चित्र पर पुष्प हर अर्पण कर पूजन करके आतिशबाजी एवं ढोल नगाड़ों के साथ उनके भक्तों के द्वारा बनाया जा रहा है जो निरंतर 16 दिन तक परम हंसी गंगा आश्रम में मनाया जाएगा पूज्य महाराज श्री के अनेक कार्य के प्रति जनमानस को एवं सनातन धर्म अवलंबियों को अवगत कराया जाएगा पूज्य महाराज श्री ने राम मंदिर के लिए सन 84 से चित्रकूट से शंखनाद किया था जो निरंतर वादी के रूप में कोर्ट में अपनी बात मुखर होकर रखते रहे एवं उसका परिणाम यह हुआ की पूज्य महाराज श्री के कारण आज राम मंदिर अपने पूर्ण वैभव के साथ खड़ा है यह हम सब सनातनियों के लिए गर्व की बात है पूज्य महाराज श्री ने राम मंदिर के लिए विशेष योगदान प्रदान किया मुलायम सिंह की सरकार के समय पूज्य महाराज श्री को नजर बंद कर चुनार जेल में बंदी बनाकर रखा गया लेकिन पूज्य महाराज श्री अपनी बात हमेशा रखते रहे और आज रामलाल अयोध्या में विराजमान हो गए उनका मंदिर स्थापित हो गया रामसेतु के विषय में पूज्य महाराज श्री मुखर होकर जो इस रामसेतु को तोड़ने की बात कर रहे थे उनका मुखर होकर विरोध किया एवं आज वह रामसेतु अपनी स्थिति में स्थित है यह पूज्य महाराज श्री की देन है जो आज वह हमारे पास है बचा हुआ है गंगा का निर्मली कारण हो चाहे देव नदियों को बढ़ाने की बात हो पूज्य महाराज श्री ने इन सब पर बहुत कम किया गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित कराया गंगा के निर्मलीकरण के लिए पूज्य महाराज श्री ने अभियान चलाया जिसके कारण गंगा का शुद्धिकरण हुआ सन 84 में पूज्य महाराज श्री रामलीला मैदान दिल्ली में गाय को बचाने के लिए बहुत बड़ा आंदोलन किया जो आज तक निरंतर पूज्य महाराज श्री का चल रहा है पूज्य महाराज श्री के विशेष प्रकल्प चल रहे हैं वनवासी आदिवासी क्षेत्र में पूज्य महाराज श्री के विशेष आश्रम स्थापित हैं सिंहभूम झारखंड में पूज्य महाराज श्री का विश्व कल्याण नमक आश्रम है जहां चिकित्सा शिक्षा एवं भोजन आदि की व्यवस्था निशुल्क प्रदान की जाती है विधर्मियों के द्वारा हमारे भोले वाले वनवासियों को कुचक्र में पचाकृत उनका धर्म परिवर्तन करने के लिए कुछ लोग प्रयास कर रहे हैं उन सब को निर्मूल करने के लिए पूज्य महाराज श्री ने अपने शिष्यों के साथ झारखंड में छत्तीसगढ़ में महाराष्ट्र के गरज गढ़चिरौली जिले बालाघाट मध्य प्रदेश के जिले एवं केरल प्रदेश उत्तर प्रदेश बिहार गुजरात इत्यादि प्रदेशों में अनेक प्रकल्प चला रहे हैं जिससे हमारे जिससे हमारे बनवासी भाई किसी के कुचक्र में न फंसे उनके लिए शिक्षा चिकित्सा और भी अनेक प्रकल्प प्रदान कर रहे हैं भोजन आदि की व्यवस्था कर रहे हैं गाय के लिए विशेष गौशाला में स्थापित की हैं जो परमहंस गंगा आश्रम नरसिंहपुर में स्थापित है काशी में स्थापित है छत्तीसगढ़ में स्थापित है पूज्य महाराज श्री का विशेष प्रकल्प छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में सवा लाख शिवा एक साथ स्थापित किया जा रहे हैं 64 आश्रम देश के विभिन्न स्थानों पर स्थापित हैं जो समस्त सेवाएं प्रदान कर रहे हैं महाराज श्री के अनेक शिष्य अपने-अपने प्रकल्पों के संचालित कर रहे हैं एवं सहयोगी बन रहे हैं वर्तमान ज्योतिष एवं द्वारका पीठ के शंकराचार्य 10000 बच्चों का गुरुकुल संचालित कर रहे हैं जिसमें शिक्षा एवं भोजनदी की निशुल्क व्यवस्था प्रदान की जा रही है एवं बच्चे सूचित हो रहे हैं परम हसीं गंगा एवं काशी में जो एक विशाल गुरुकुल के रूप में संचालित है पूज्य महाराज श्री के संकल्पों का वर्तमान शंकराचार्य महाराज संकल्पना को संचालित कर रहे हैं एवं धर्म प्रचार करें जनमानस का धर्म के प्रति समाधान कर रहे हैं इतिहास में यही एक ऐसे पूज्य जगतगुरु शंकराचार्य हुए जिन्होंने भगवान आदि शंकराचार्य के द्वारा स्थापित अमनाय चार पीठो मैं दो पीठों के अचार हुए जिन्होंने दो दो पीठों को सुशोभित किया यही एक विशेष बात है पूज्य महाराज श्री का जन्म सिवनी जिले के दिहोरी ग्राम में हुआ था हरतलिका तीज को 1924 हुआ था 5 वर्ष की अवस्था में घर छोड़ काशी चले गए थे एवं करपात्र जी महाराज के सन्निधि में पूज्य महाराज श्री ने वेद वेदंगों का अध्ययन किया था 1942 में पूज्य महाराज श्री ने क्रांतिकारी संत के रूप में स्वतंत्रता की क्रांति का आगाज किया था गांधी जी के असहयोग आंदोलन में सहयोग किया था एवं काशी की जेल में पूज्य महाराज श्री को 9 माह का कारावास हुआ था एवं नरसिंहपुर मध्य प्रदेश की जेल में 6 मा ह का करएवास हुआ था पूज्य
जगतगुरु शंकराचार्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में प्रतिष्ठित हुए एवं हम सबको स्वतंत्रता प्रदान की पहले पूज्य महाराज श्री को ज्योतिष पीठ का आचार्य बनाया गया बाद में वहां के द्वारा का शारदा पीठ के पूर्व आचार्य के द्वारा अभिषेक किया गया एवं द्वारका का भी शंकराचार्य नियुक्त किया गया ऐसे परम पूज्य जगतगुरु शंकराचार्य दो-दो पीठों के परम आचार्य होकर हम सबका मार्गदर्शन करते रहे हमेशा पूज्य महाराज श्री अपनी बात धर्म के प्रति मुखर होकर कहते रहे एवं सभी धर्म अवलंबियों का मार्गदर्शन करते रहे वर्तमान में उनके परम शिष्य परम आराध्य अनंत श्री विभूषित ज्योतिष पीठाधीश्वर 1008 स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरआनंद जी महाराज एवं द्वारका शारदा पीठ पर स्वामी श्री सदानंद सरस्वती जी महाराज आचार्य पीठ पर प्रतिष्ठित होकर धर्म प्रेमियों का एवं जनता जनार्दन का मार्गदर्शन प्रशस्त कर रहे हैं। यह जानकारी Pt  आचार्य सर्देश तिवारी (शारदानंद शास्त्री) नागपुर (9405514355.)